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आइए जाने अक्षय तृतीया के पूजा मुहूर्त,महत्व,सरल उपाय और कथा

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अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त :       05 : 44 : 24 से 12 : 19 : 02 तक अवधि : 6 घंटे 34 मिनट अक्षय तृतीया की तारीख व मुहूर्त आइए जानते हैं कि अक्षय तृतीया   वैशाख शुक्ल तृतीया  को  अक्षय तृतीया  या आखा तीज कहते हैं ।   यह सनातन धर्मियों का प्रधान त्यौहार है ।  इस दिन दिए  हुए दान और  किये हुए  स्नान , यज्ञ , जप आदि सभी कर्मों का फल अनन्त  और अक्षय ( जिसका क्षय या नाश न हो ) होता है , इसलिए  इस त्यौहार  का नाम अक्षय तृतीया रखा गया है । अक्षय तृतीया महत्व 1 . अक्षय तृतीया का दिन साल के उन साढ़े तीन मुहूर्त में से एक है जो सबसे शुभ माने जाते हैं ।  इस दिन अधिकांश शुभ कार्य किए जा सकते हैं । 2 . इस दिन गंगा स्नान करने का भी बड़ा भारी माहात्म्य बताया गया है ।  जो मनुष्य इस दिन गंगा स्नान करता है , वह निश्चय ही सारे पापों से मुक्त हो जाता है । 3 . इस दिन पितृ श्राद्ध करने का भी विधान है ।  जौ , गेहूँ , चने , सत्तू , दही - चावल , दूध से बने पदार्थ आदि  सामग्री का  द...

आइए जाने नवग्रह मंत्र – वैदिक, तांत्रिक व बीज मंत्र

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नवग्रह मंत्र – वैदिक , तांत्रिक व बीज मंत्र ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह मंत्र ग्रहों की शांति एवं उनका आशीष पाने के लिए होते हैं। इन मंत्र से व्यक्ति अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है। साथ ही वह इन मंत्रों जाप से अपनी समस्त बाधाओं से मुक्ति पा सकता है। वैदिक शास्त्रों में कहा गया है कि ‘ मन : तारयति इति मंत्र :’ अर्थात मन को तारने वाली ध्वनि ही मंत्र है। ग्रहों के वैदिक और तांत्रिक मंत्रों में असीम शक्ति समाहित होती है जिससे मानव कल्याण संभव है। परंतु इसके लिए मंत्र का उच्चारण शुद्ध रूप से होना चाहिए। यदि इसके उच्चारण में थोड़ी सी भी त्रुटि हुई तो अर्थ का अनर्थ भी हो जाता है। प्राचीन शास्त्रों में नव ग्रहों के मंत्र के महत्व को विस्तार से बताया गया है। ज्योतिष में नवग्रह मंत्र दो प्रकार के होते हैं जिन्हें वैदिक और तांत्रिक मंत्र कहा जाता है। इसके अलावा सभी नौ ग्रहों के बीज मंत्र भी होेते हैं। वैदिक व तांत्रिक मंत्र क्या...