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गणपति लक्ष्मी स्तोत्र | इसके पाठ से लक्ष्मीजी घर और शरीर को छोड़कर कभी नहीं जाती | Ganesh lakshmi |

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गणपति लक्ष्मी स्तोत्र | इसके पाठ से लक्ष्मीजी घर और शरीर को छोड़कर कभी नहीं जाती | Ganesh lakshmi | गणेश लक्ष्मी श्रीगणपतिस्तोत्रम् हिंदी अर्थ सहित ॐ नमो विघ्नराजाय सर्वसौख्यप्रदायिने । दुष्टारिष्टविनाशाय पराय परमात्मने ॥ १॥ सम्पूर्ण सौख्य प्रदान करने वाले सच्चिदानन्द स्वरुप विघ्नराज गणेश को नमस्कार है, जो दुष्ट अरिष्टग्रहों का नाश करने वाले परात्पर परमात्मा हैं । लम्बोदरं महावीर्यं नागयज्ञोपशोभितम् । अर्धचन्द्रधरं देवं विघ्नव्यूहविनाशनम् ॥ २॥ जो महापराक्रमी, लम्बोदर, सर्पमय, यज्ञोपवीत से सुशोभित अर्धचन्द्रधारी और विघ्न व्यूह का विनाश करने वाले हैं, उन गणपति की मैं वंदना करता हूँ । ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः हेरम्बाय नमो नमः । सर्वसिद्धिप्रदोऽसि त्वं सिद्धिबुद्धिप्रदो भव ॥ ३॥ ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः हेरम्ब को नमस्कार हैं । भगवान् आप सब सिद्धियों के दाता हैं, आप हमारे लिए सिद्धि – बुद्धिदायक हैं । चिन्तितार्थप्रदस्त्वं हि सततं मोदकप्रियः । सिन्दूरारुणवस्त्रैश्च पूजितो वरदायकः ॥ ४॥ आपको सदा ही मोदक प्रिय है, आप मन के द्वारा चिन्तित अर्थ को देनेवाले हैं,...

किस वार को कौनसा तिलक लगाए ? तिलक के चमत्कारिक उपाय

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  🌷ज्योतिष के अनुसार यदि तिलक धारण किया जाता है तो सभी पाप नष्ट हो जाते है सनातन धर्म में शैव, शाक्त, वैष्णव और अन्य मतों के अलग-अलग तिलक होते हैं। 🌷चंदन का तिलक लगाने से पापों का नाश होता है, व्यक्ति संकटों से बचता है, उस पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है, ज्ञानतंतु संयमित व सक्रिय रहते हैं। 🌷तिलक कई प्रकार के होते हैं - मृतिका, भस्म, चंदन, रोली, सिंदूर, गोपी आदि। 🚩यदि वार अनुसार तिलक धारण किया जाए तो उक्त वार से संबंधित ग्रहों को शुभ फल देने वाला बनाया जा सकता है। सोमवार के दिन कौनसा तिलक लगाए? https://youtube.com/shorts/9f-wAjP7g6I?feature=share मंगलवार के दिन कौनसा तिलक लगाए? https://youtube.com/shorts/C5IOKKSf4Pw?feature=share बुधवार के दिन कौनसा तिलक लगाए? https://youtube.com/shorts/SKZGwVewxrA?feature=share गुरुवार के दिन कौनसा तिलक लगाए? https://youtube.com/shorts/X_M1xv-XfJk?feature=share शुक्रवार के दिन कौनसा तिलक लगाए? https://youtube.com/shorts/MWVyecLgZK4?feature=share शनिवार के दिन कौनसा तिलक लगाए? https://youtube.com/shorts/MWVyecLgZK4?feature...

shrikrishnashram bolundra।।श्री कृष्णाश्रम,बोलुन्दरा।।

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नवरात्री नवदुर्गा स्वरूप

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१ नवरात्री नवदुर्गा स्वरूप भाग-1 https://youtu.be/LX14_aGXQGM 2नवरात्री का प्रथम दिन देवी शैलपुत्री भाग-2 https://youtu.be/uPU7GIZ6gSM 3 नवरात्री का द्वितीय दिन देवी ब्रह्मचारिणी का महात्म्य ,मन्त्र भाग-3 https://youtu.be/cOIaya1FC3k 4 नवरात्री  का तृतीय दिन देवी चंद्रघंटा का महात्म्य , मन्त्र भाग- 4 https://youtu.be/V8FLarS4Dws 5नवरात्री का चतुर्थ दिन देवी कूष्माण्डा का महात्म्य, मन्त्र भाग -5 https://youtu.be/PACfbhVboxQ 6नवरात्री का पंचम दिन देवी स्कंदमाता का महात्म्य, मन्त्र भाग- 6 https://youtu.be/Kd9qRAL78ck 7.नवरात्री का षष्ठम दिन देवी कात्यायनी का महात्म्य,मन्त्र भाग -7 https://youtu.be/3iSYvGXarfY 8नवरात्री का सप्तम दिन देवी कालरात्री का महात्म्य, मन्त्र भाग- 8 https://youtu.be/pdHWQHZL8VA 9.नवरात्री का अष्टम दिन देवी महागौरी का महात्म्य,मन्त्र भाग- 9 https://youtu.be/ pLbWEoKIAVs 10. नवरात्री का नवम  दिन देवी सिद्धिदात्री का महात्म्य,मन्त्र भाग-10 https://youtu.be/kFojhX-5B8s 11.विजयादशमी का महात्म्य भाग-11 https://youtu.be/9Kc8KM3...

गणेशपञ्चरत्न स्त्रोतम् ।श्रीमत् शङ्कराचार्य रचित। आरोग्यता, निर्विघ्नता...

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गणेशपञ्चरत्नम्   मुदा करात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं  कलाधरावतंसकं विलासिलोकरञ्जकम्  अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥ नतेतरातिभीकरं नवोदितार्कभास्वरं नमत्सुरारिनिर्जरं नताधिकापदुद्धरम् सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरं   महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम् ।।२ ।।   समस्तलोकशङ्करं निरस्तदैत्यकुञ्जरं  दरेतरोदरं वरं वरेभवक्त्रमक्षरम् ।  कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करं  नमस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम् ॥ ३ ॥ अकिंचनार्तिमार्जनं चिरन्तनोक्तिभाजनं  पुरारिपूर्वनन्दनं सुरारिगर्वचर्वणम् ।  प्रपञ्चनाशभीषणं धनञ्जयादिभूषणं  कपोलदानवारणं भजे पुराणवारणम् ॥४ ॥  नितान्तकान्तदन्तकान्तिमन्तकान्तकात्मज मचिन्त्यरूपमन्तहीनमन्तरायकृन्तनम्  हृदन्तरे निरन्तरं वसन्तमेव योगिनां  तमेकदन्तमेव तं विचिन्तयामि संततम् ॥ ५ ॥  महागणेशपञ्चरत्नमादरेण योऽन्वहं  प्रगायति प्रभातके हृदि स्मरन् गणेश्वरम् ।  अरोगतामदोषतां सुसाहिती सुपुत्रतां समाहितायुरष्टभूतिमभ्युपैति सोऽचिरात् ॥ ६ ॥  ...

।।शुक्र स्तोत्रम्।। shukra stotram।।

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    ॥ शुक्रस्तोत्रम् ॥ शुक्रः काव्यः शुक्ररेता शुक्लाम्बरधरः सुधीः । हिमाभः कुन्तघवलः शुभ्रांशुः शुक्लभूषणः ॥ १ ॥ नीतिज्ञो नीतिकृन्नीतिमार्गगामी ग्रहाधिपः । उशना वेदवेदाङ्गपारगः कविरात्मवित् ॥ २ ॥ भार्गवः करुणासिन्धुर्ज्ञानगम्यः सुतप्रदः । शुक्रस्यैतानि नामानि शुक्रं स्मृत्वा तु यः पठेत् ||3|| आयुर्धनं सुखं पुत्रं लक्ष्मी वसतिमुत्तमाम् । विद्यां चैव स्वयं तस्मै शुक्रस्तुष्टो ददाति च ॥ ४ ॥                   ॥ इति ॥ 

।।बृहस्पति स्तोत्रम् ।।

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॥ बृहस्पतिस्तोत्रम् ॥ गुरुर्बृहस्पतिर्जीव: सुराचार्यो विदांवरः । वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः पीताम्बरो युवा ॥ १ ॥ सुधादृष्टिग्रहाधीशो ग्रहपीडापहारकः । दयाकरः सौम्यमूर्तिः सुरार्च्यः कुंकुमद्युतिः ॥ २ ॥ लोकपूज्यो लोकगुरुर्नीतिज्ञो नीतिकारकः ।  तारापतिश्चांगिरसो वेदवैद्यपितामहः ॥ ३ ॥ भक्त्या बृहस्पतिं स्मृत्वा नामान्येतानि यः पठेत् । अरोगी बलवान् श्रीमान्पुत्रवान् स भवेन्नरः ॥ ४ ॥ जीवेद्वर्षशतं मर्त्यो पापं नश्यति नश्यति । यः पूजयेद् गुरुदिने पीतगन्धाक्षताम्बरैः ॥ ५ ॥ पुष्पदीपोपहारैश्च पूजनीयं बृहस्पतिम् । ब्राह्मणान्भोजयेत्तस्य पीडाशान्तिर्भवेद् गुरोः ॥ ६ ॥                           ॥ इति ॥