ज्योतिष क्या है ?
ज्योतिष अप्रत्यक्षाणि शास्त्राणि विवादस्तत्र केवलम् | प्रत्यक्षं ज्योतिषं शास्त्रं चन्द्रार्को यत्र साक्षिणौ || अभिप्राय यह है कि अन्य शास्त्रो का प्रत्यक्षीकरण सुलभ नहीं है, परन्तु जयोतिष शास्त्र प्रत्यक्ष शास्त्र है। इसकी प्रामाणिकता के एकमात्र साक्षी सूर्य और चन्द्र हैं। फलित ज्योतिष उस विद्या को कहते हैं जिसमें मनुष्य तथा पृथ्वी पर, ग्रहों और तारों के शुभ तथा अशुभ प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। ज्योतिष शब्द का यौगिक अर्थ ग्रह तथा नक्षत्रों से संबंध रखनेवाली विद्या है। इस शब्द से यद्यपि गणित (सिद्धांत) ज्योतिष का भी बोध होता है, तथापि साधारण लोग ज्योतिष विद्या से फलित विद्या का अर्थ ही लेते हैं। ग्रहों तथा तारों के रंग भिन्न-भिन्न प्रकार के दिखलाई पड़ते हैं, अतएव उनसे निकलनेवाली किरणों के भी भिन्न भिन्न प्रभ...