आइए जाने ग्रहों की दिशा, जाति, दृष्टि ,उच्च नीच्च अंश |
ग्रहाणां राजत्वादिनिरुपणम् राजा रविः शशधरश्च बुधः कुमारः सेनापतिः क्षितिसुतः सचिवौ सितेज्यौ । भृत्यस्तथा तरणिजः सबला ग्रहाश्च कुर्वन्ति जन्मसमये निजमेव रूपम् || जातक शास्त्र में सर्यादि ग्रहों में सूर्य और चन्द्र को राजा , बुध को राजकुमार , भौम को सेनापति , गुरु और शुक्र को मन्त्री और शनि को सेवक माना गया है । फलादेश में इसका विशेष प्रयोजन होता है । । जातक की कुण्डली में जो ग्रह बली होता है वह ग्रह अपने अनुसार जातक को बनाता है | उच्च नी च्चग्रहा : अजवृषभमृगाङ्गनाकुलीरा झपवणीजौ च दिवाकरदितुंगा। दशशिखिमनयुक्तिथीन्द्रियाशैस्त्रिनवकविंशतिभिश्च ते s स्तिनीचा : ।। आओ इसे जाने चक्र द्वारा | उच्च ग्रह राशिचक्रम् ग्रहा: सू . चं . मं ...